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आर्यन इन्टरनेशनल चिल्ड्रन्स फिल्म फेस्टिवल ऑफ जयपुर:19 देशों की 46 फिल्मों का हुआ चयन
August 9, 2019 • क़ुतुब मेल

आर्यन इंटरनेशनल चिल्ड्रन्स फिल्म फेस्टिवल, विश्व भर की फ़िल्मों से सराबोर रहेगा। यहाँ भारत में बनी 15 फ़िल्में तथा दूसरे देशों से आई 31 फ़िल्में दिखाई जाएँगी। 19 देशों से आई अनेकानेक विषयों पर आधारित फ़िल्में यहाँ प्रदर्शित होंगी। 16 इन्टरनेशनल फिल्म फेस्टीवल्स का आयोजन मई में लोकसभा चुनावों के चलते टाल दिया गया था, अब इस समारोह में चयनित फिल्मों की स्क्रीनिंग चिलड्रन फिल्म फेस्टीवल के साथ ही होने जा रही है।

 जयपुर के फिल्म प्रेमियों के लिए अगस्त का महीना खास होने जा रहा है। दरअसल इस महीने की 26 से 28 अगस्त को गुलाबी नगरी में आर्यन इंटरनेशनल चिल्ड्रन्स फिल्म फेस्टिवल और 16 इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल्स का आयोजन होने जा रहा है।

जयपुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ट्रस्ट की ओर से, विशेष रूप से बच्चों के लिए बनाए गए इस फिल्म उत्सव का उद्देश्य दुनिया भर के देशों से आई फ़िल्मों को नन्हें दर्शकों तक पहुँचाना रहेगा। फिल्म समारोह में, सुबह 8:30 से दोपहर 1 बजे तक विविध फ़िल्मों की स्क्रीनिंग होगी।

फ़िल्मों का प्रदर्शन शहर के जय श्री पेडीवाल हाई स्कूल, महाराजा सवाई मानसिंह विद्यालय, डॉल्फ़िन पब्लिक स्कूल और कैम्ब्रिज कोर्ट हाई स्कूल ऑडिटोरियम्स में होगा।

कई विषयों और श्रेणियों में बनी फ़िल्में, समारोह में दिखाई जाएँगी। शॉर्ट फ़िक्शन कैटेगरी में 20, शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री में  3, एनिमेशन शॉर्ट फ़िल्मों में 9, फ़ीचर फ़िक्शन फ़िल्मों में 7 फ़िल्मों का प्रदर्शन होगा, वहीं 4 सॉन्ग, 1 एनिमेशन फ़ीचर फिल्म और 2 एड फ़िल्मों की स्क्रीनिंग होगी।

इसे फिल्म समारोह की उपलब्धि की तरह देखा जाना चाहिए कि जहाँ पिछले वर्ष आर्यन इंटरनेशनल चिल्ड्रन्स फिल्म फेस्टिवल में 8,000 बच्चे आए थे, वहीं इस मर्तबा लगभग 15,000 बच्चे फिल्म देखने पहुँचेंगे।

फेस्टिवल का नाम – आर्यन इंटरनेशनल चिल्ड्रन्स फिल्म फेस्टिवल, जिफ संस्थापक हनु रोज के दिवंगत पुत्र आर्यन की स्मृति में रखा गया है। एक प्रकार से, यह फिल्म समारोह आर्यन को श्रद्धांजलि है। हमेशा इस फेस्टीवल का नाम आर्यन ही रहेगा।

फ़िल्मों में खास रहेगी कनाडा में बनी एनिमेशन फ़ीचर फिल्म रेस टाइम। बेनॉइट गॉडबाउट निर्देशित इस फिल्म में बचपन के उतार – चढ़ावों को रोमांचक तरीक़े से दिखाया गया है।

वहीं, भारत में बनी वो जो था एक मसीहा मौलाना आज़ाद प्रदर्शित होगी। डॉं राजेन्द्र गुप्ता और संजय सिंह नेगी के निर्देशन में बनी यह फ़ीचर फिल्म मौलाना आज़ाद की जीवनी के बारे में है। फिल्म बयां करती है कि शिक्षा मंत्री रहते हुए, मौलाना किस प्रकार शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन लाए। शिक्षा में विज्ञान और तकनीक के विलय के साथ ही, वे पूरे जीवन हिन्दू – मुस्लिम एकता के लिए संघर्ष करते रहे।

अनिल गजराज के निर्देशन में बनी फिल्म उड़ चले भी खास रहेगी। यह हिन्दी फ़ीचर फिल्म आदर्श शिक्षा व्यवस्था पर आधारित है। फिल्म में दिखाया गया है कि किस प्रकार हर व्यक्ति प्रकृति के साथ जुड़ा रहकर जीवन का अर्थ और उद्देश्य प्राप्त करता है। फिल्म के लिए वाइल्ड लाइफ़ शूट भी किया गया है।