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हवाई अड्डे से धौला कुआं तक ट्रैफिक ‘सिग्नल फ्री’ हुआ
July 13, 2019 • क़ुतुब मेल

सिग्‍नल मुक्‍त कॉरिडोर की दिशा में धौला कुंआ मेट्रो स्‍टेशन के निकट धौलाकुंआ जंक्‍शन पर फ्लाईओवर 136 कार्य दिवसों के रिकार्ड समय में पूरा हुआ और इसे 2 मार्च, 2019 को यातायात के लिए खोला गया। दोनों तरफ के रास्‍ते को चौड़ा करके 4 लेन का बनाने का काम काफी हद तक पूरा हो गया है। काम शुरू होने के बाद से कुल 374 दिवस का समय लगा, जिसमें से सुरक्षा प्रतिबंधों, पर्यावरण पाबंदियों तथा आईजीएल पाइप गैसलाइन को 257 दिन काम नहीं हुआ।

नयी दिल्ली - केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग और सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम मंत्री नितिन गडकरी नई दिल्ली में राष्ट्रीय राजमार्ग – 8 पर मानेकशॉ सेंटर के नजदीक परेड रोड जंक्शन पर 3 लेन वाले अंडरपास का उद्घाटन किया। इस अंडरपास को यातायात के लिए खोल देने के साथ ही हवाई अड्डे से धौला कुआं तक ट्रैफिक 'सिग्नल मुक्त' हो जाएगा। इस अंडरपास का निर्माण कार्य 112 दिनों की रिकॉर्ड अवधि में पूरा कर लिया गया है। यह अंडरपास धौला कुआं इंटरचेंज से आईजीआई एयरपोर्ट तक एनएचएआई की सिग्नल मुक्त कॉरिडोर विकसित करने की परियोजना का एक हिस्सा है।

राष्‍ट्रीय राजमार्ग संख्‍या-8(नया राष्‍ट्रीय राजमार्ग-48) दिल्‍ली तथा एनसीआर से आईजीआई हवाईअड्डे को कनेक्टिविटी प्रदान करने वाला मुख्‍य सम्‍पर्क है। कॉरिडोर में अक्‍सर जाम लगने से धौलाकुंआ इंटरचेंज तथा हवाईअड्डे के बीच तीन किलोमीटर की दूरी पार करने में 10-30 मिनट का समय लगता है। इस समस्‍या से निपटने के लिए एनएचएआई ने 270 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से धौलाकुंआ इंटरचेंज से हवाईअड्डे तक सिग्‍नल मुक्‍त कॉरिडोर विकसित करने का काम शुरू किया है। परियोजना में धौलाकुंआ-आईजीआई कॉरिडोर को 6 लेन से चौड़ा करके 8 लेन का बनाना शामिल है। जनकपुरी रोड से 3 लेन के फ्लाईओवर को एनएच-8 से जोड़ना। परेड रोड जंक्‍शन पर 3 लेन का वाहन अंडरपास का आज उद्घाटन किया। इस परियोजना पर मार्च 2018 में कार्य प्रारंभ हुआ और 75 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है।

सिग्‍नल मुक्‍त कॉरिडोर की दिशा में धौला कुंआ मेट्रो स्‍टेशन के निकट धौलाकुंआ जंक्‍शन पर फ्लाईओवर 136 कार्य दिवसों के रिकार्ड समय में पूरा हुआ और इसे 2 मार्च, 2019 को यातायात के लिए खोला गया। दोनों तरफ के रास्‍ते को चौड़ा करके 4 लेन का बनाने का काम काफी हद तक पूरा हो गया है। काम शुरू होने के बाद से कुल 374 दिवस का समय लगा, जिसमें से सुरक्षा प्रतिबंधों, पर्यावरण पाबंदियों तथा आईजीएल पाइप गैसलाइन को 257 दिन काम नहीं हुआ।

यह परियोजना उन 9 अन्य परियोजनाओं के अतिरिक्त है, जिन्हें राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में जाम की स्थिति दूर करने के लिए लागू किया जा रहा है। इनमें गुरुग्राम-सोहना रोड पर 6 लेन का एलिवेटिड 22 किलोमीटर लंबा गलियारा शामिल है जिसकी लागत 2000 करोड़ रुपये है। इस पर काम शुरू हो गया है।  इसके अलावा 2300 करोड़ रुपये की लागत से राष्ट्रीय राजमार्ग एक पर मुकरबा चौक से पानीपत तक 8 लेन का दिल्ली- पानीपत राजमार्ग; लगभग 9500 करोड़ रुपये की लागत से द्वारका एक्सप्रेस वे पर पहुंचने के लिए 39 किलोमीटर लंबा 8 लेन वाला संपर्क मार्ग (इस पर काम शुरू हो गया है) ;5900 करोड़ रुपये की लागत से

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे का पैकेज II, III और IV ; लगभग 1200 करोड़ रुपये की लागत से ईपीई जंकशन से शामली-सहारनपुर (एनएच -709 बी) से जुड़ा 4 लेन वाला 124 किलोमीटर खेखड़ा मार्ग; 1000 करोड़ रुपये की लागत से रंगपुरी बायपास के जरिये द्वारका/एनएच-08 को वसंतकुंज-नेल्सन मंडेला मार्ग को जोड़ना; 4000 करोड़ रुपये की लागत से भारत माला के तहत दिल्ली के लिए 75 किलोमीटर शहरी विस्तार मार्ग (यूईआर-2) तीसरी रिंग रोड का विकास तथा लगभग 2600 करोड़ रुपये की लागत से अक्षरधाम एनएच-24 जंक्शन से बागपत रोड पर ईपीई जंक्शन तक 6 लेन वाले 31.3 किलोमीटर लंबे नियंत्रित पहुंच वाले गलियारे का निर्माण शामिल है।