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‘ब्रिटेन में डिजाइनिंग–भारत में निर्मित’
July 17, 2019 • क़ुतुब मेल

भारत में कम लागत वाला प्रतिस्पर्धात्मक विनिर्माण  उद्योग ब्रिटेन की कंपनियों के लिए दुनिया के दूसरे हिस्सों में अपना पैर जमाने के लिए काफी मददगार हो सकता है। :'ब्रिटेन में डिजाइनिंग–भारत में निर्मित' इस साझेदारी का नया केंद्र बिन्‍दु हो सकता है। इसी तरह सेवा क्षेत्र में भारत, ब्रिटेन की कंपनियों को बड़ी तकनीकी विशेषज्ञता उपलब्‍ध करा सकता है।

नयी दिल्ली - केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग तथा रेल मंत्री पीयूष गोयल ने लंदन में भारत-ब्रिटेन संयुक्त आर्थिक व्यापार समिति (जेटको) को संबोधित किया। उन्होंने व्यापार, वाणिज्य और सेवा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर बात की, जो दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देगा।

      पीयूष गोयल ने अपने संबोधन में कहा कि इस संयुक्त पहल से भारत और ब्रिटेन के आर्थिक और वाणिज्यिक संबंधों का विस्तार होगा। उन्होंने कहा कि दोनों देश 200 साल के साझा अतीत के मजबूत रिश्ते से बंधे हैं।

      उन्होंने दोनों देशों के लिए अवसरों विशेष रूप से ब्रेक्सिट के बाद के परिदृश्य तथा ब्रिटेन में बसे  1.5 मिलियन भारतीय समुदाय की ताकत जो दोनों देशों के बीच एक सेतु की तरह  है का लाभ उठाने पर जोर दिया और उम्‍मीद जताई कि भारत और ब्रिटेन दोनों के पास आर्थिक संबंधों को और अधिक विस्‍तार देने तथा उसे नई ऊंचाइयों पर ले जाने की बड़ी क्षमता है।

      पीयूष गोयल ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि जेटको एक ऐसा शक्तिशाली मंच साबित होगा जिसके माध्यम से दोनों देश आपसी सहयोग के क्षेत्रों की पहचान कर सकेंगे और आपसी व्यापार से संबंधित मुद्दों का आसानी से समाधान कर सकेंगे।

      इस आयोजन के अवसर पर अलग से भारत और ब्रिटेन दोनों ने  खाने पीने की वस्‍तुओं , स्वास्थ्य सेवा और डेटा सेवाओं के व्‍यापार में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए तीन नए द्विपक्षीय कार्य समूह गठित करने पर सहमति व्यक्त की।

      वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने आपसी लाभ के लिए एक-दूसरे की प्रतिस्पर्धी क्षमता का लाभ उठाते हुए परस्‍पर संपर्क की गतिविधियों तेज करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि उद्योग और शिक्षा के क्षेत्र में ब्रिटेन के  अनुसंधान एवं नवाचार का कुशल भारतीय कार्यबल के साथ मेल हो जाए तो दोनों देश बाकी दुनिया के लिए पसंदीदा उत्‍पादों के बड़े आपूर्तिकर्ता बन सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि कुशल भारतीय कार्यबल ब्रिटेन की अनुसंधान प्रयोगशालाओं से उपजे विचारों को जमीनी हकीकत में बदलने की बड़ी क्षमता रखता है।

      केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत में कम लागत वाला प्रतिस्पर्धात्मक विनिर्माण  उद्योग ब्रिटेन की कंपनियों के लिए दुनिया के दूसरे हिस्सों में अपना पैर जमाने के लिए काफी मददगार हो सकता है। :'ब्रिटेन में डिजाइनिंग–भारत में निर्मित' इस साझेदारी का नया केंद्र बिन्‍दु हो सकता है। इसी तरह सेवा क्षेत्र में भारत, ब्रिटेन की कंपनियों को बड़ी तकनीकी विशेषज्ञता उपलब्‍ध करा सकता है।

      पीयूष गोयल ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि 2025 तक भारत 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएगा। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्‍य को प्राप्‍त करने के लिए देश के आधारभूत क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश पर जोर दिया जा रहा है, जहां ब्रिटेन अपनी विशेषज्ञता साझा कर सकता है।

      जेटको की बैठक में बहु-राष्ट्रीय कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को संबोधित करते हुए, श्री गोयल ने कहा कि भारत ने सिंगल ब्रांड खुदरा कारोबार के लिए अवसर खोले हैं और अगले कुछ हफ्तों में सरकार इससे जुड़ी नीति के कुछ नकारात्‍मक प्रावधानों को खत्‍म करने जा रही है, जिससे सिंगल ब्रांड खुदरा कारोबार करने वाली कंपनियां को बड़े पैमाने भारत में व्‍यवसाय शुरू कर सकेंगी। उन्होंने बहु-ब्रांड खुदरा कारोबार में विदेशी निवेश पर भारत में  लगाए गए प्रतिबंधों को गंभीरता से लेने और उसका सम्मान करने का दुनियाभर की कंपनियों से अनुरोध किया। उन्‍होंने कहा कि भारत में आने वाली ई-कॉमर्स कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे बहु-ब्रांड खुदरा कारोबार के बारे में भारत की नीतियों का पूरी तरह से अनुसरण करें।

      भारत-ब्रिटेन के व्यापार और आर्थिक संबंधों की समीक्षा जेटको द्वारा प्रतिवर्ष वाणिज्य और उद्योग मंत्रियों के स्तर पर की जाती है। जेटकों की अब तक 12 बैठकें हो चुकी हैं और अंतिम बैठक लंदन में 11 जून, 2018 को आयोजित की गई थी। द्विपक्षीय आर्थिक व्यापार और निवेश बढ़ाने की रणनीति के तहत  भारत – ब्रिटेन  संयुक्त आर्थिक व्यापार समिति का गठन 13 जनवरी, 2005 को किया गया था।