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10 अक्टूबर से हज 2020 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू
October 5, 2019 • क़ुतुब मेल

नयी दिल्ली - हज 2020 के लिए देश भर के 22 स्थानों से भारतीय मुसलमान हज यात्रा पर जायेंगे, इस वर्ष हज यात्रियों को सभी प्रकार की जानकारी मुहैया कराने एवं पूरी हज प्रक्रिया में मदद करने के लिए 100 लाइन का सूचना केंद्र हज हाउस, मुंबई में स्थापित किया जाएगा।

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने यहाँ हज 2020 की घोषणा करते हुए कहा कि 10 अक्टूबर से हज के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी जो  10 नवम्बर,  2019 तक चलेगी।

 नकवी ने नई दिल्ली में हज 2019 के पूरा होने एवं अगले हज की तैयारियों के लिए समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। नकवी ने कहा कि इस बार हज प्रक्रिया शत प्रतिशत ऑनलाइन/डिजिटल होगी। सभी हज यात्रियों को ई-वीजा की सुविधा दी गयी है। मोबाइल ऐप के जरिये भी हज के लिए आवेदन किया जा सकता है।

समीक्षा बैठक में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के सचिव शैलेश, अतिरिक्त सचिव एस.के. देव बर्मन, संयुक्त सचिव-हज जान-ए-आलम, सऊदी अरब में भारत के राजदूत औसफ सईद, हज कमिटी ऑफ़ इंडिया के अध्यक्ष शेख जिन्ना नबी, हज कमिटी के सीईओ एम.ए. खान, जेद्दाह में भारत के कौंसल जनरल मोहम्मद नूर रहमान शेख के अलावा अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, नागरिक उड्डयन मंत्रालय तथा स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

 नकवी ने कहा कि हज प्रक्रिया जल्द शुरू करने से भारत एवं सऊदी अरब में हज के इंतजाम बेहतर तरह से हो सकेंगे। नकवी ने कहा कि हज ग्रुप ऑर्गनाइजर (एचजीओ) के लिए पोर्टल पर आवेदन की प्रक्रिया 1 नवम्बर से शुरु होगी जो 1 दिसंबर तक चलेगी।

 नकवी ने कहा कि जहाँ पिछले वर्ष देश भर में 21 स्थानों से रवाना हुए थे, वहीँ हज 2020 के लिए एक नया स्थान- विजयवाड़ा (आंध्रप्रदेश) होगा। इस प्रकार हज 2020 के लिए देश भर के 22 स्थानों से भारतीय मुसलमान हज यात्रा पर जायेंगे।

 नकवी ने कहा कि हज 2019 ऐतिहासिक रहा और पिछले कई वर्षों में अब तक का सबसे सफल हज रहा। देश के इतिहास में पहली बार रिकॉर्ड  2  लाख भारतीय मुसलमानों ने 2019 में बिना किसी सब्सिडी के हज यात्रा की। नकवी ने कहा कि अधिकांश स्थानों से हज यात्रा के लिए हवाई किराये में कमीं आयी। इसके अलावा हज यात्रा पर लगने वाले 18 प्रतिशत जीएसटी को  5 प्रतिशत कर दिया गया जिससे  2019 में हज यात्रियों को 113 करोड़ रूपए से ज्यादा की बचत हुई। मदीने में यात्रियों के लिए आवास पिछले साल के मुकाबले लगभग  100 रियाल कम पर लिए गये थे जिससे भारत के प्रत्येक हज यात्री को लगभग  3000 रूपए की बचत हुई।

 नकवी ने कहा कि हज 2019 में देश भर के  21  हवाई अड्डों से 500 से ज्यादा फ्लाइटों के जरिये  2 लाख भारतीय मुसलमान हज यात्रा पर गए जिनमे लगभग 48 प्रतिशत महिलाएं शामिल थी। बिना "मेहरम" (पुरुष रिश्तेदार) के  2340 मुस्लिम महिलाएं भी हज पर गईं। 2019 में महिलाओं में पंजाब की 100 वर्ष की आयु की अत्तार बीबी सबसे उम्रदराज हज यात्री रहीं। वहीँ,  बिहार के सदरे आलम (उम्र 98 वर्ष) सबसे बुजुर्ग पुरुष हाजी रहे। हज 2020 के लिए भी बिना "मेहरम" हज यात्रा पर जाने वाली महिलाओं को लॉटरी प्रणाली से छूट दी जाएगी।

 उन्होंने कहा कि हज 2020 के लिए ऑनलाइन आवेदक को प्रोत्साहित किया जाएगा। इस संबंध में हज समिति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेगी।

 नकवी ने कहा कि पहली बार पारदर्शिता और हज यात्रियों की सहूलियत के लिए हज समूह आयोजकों का भी पोर्टल http://haj.nic.in/pto/ (Portal For Haj Group Organisers) बनाया गया जिसमें सभी अधिकृत एचजीओ के पैकेज आदि सभी जानकारी दी गई हैं।