ALL राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय बिज़नेस मनोरंजन साहित्य खेल वीडियो
40 हजार व्यापारी संगठन कैट के नेतृत्व में आंदोलन में शामिल होंगे
November 11, 2019 • Arif Jamal • बिज़नेस

भारत में खुदरा व्यापार 7 करोड़ से अधिक छोटे व्यापारियों द्वारा संचालित किया जाता है, जो लगभग 45 लाख करोड़ रु का सालाना कारोबार करते हैं और यह क्षेत्र देश में लगभग 40 करोड़ लोगों को रोजगार देता है।

नयी दिल्ली - अमेज़ॅन और फ्लिपकार्ट के खिलाफ यह राष्ट्रव्यापी आंदोलन 13 नवंबर से शुरू होगा और 10 जनवरी, 2020 तक जारी रहेगा। ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन, अल इंडिया कंज्यूमर प्रोडक्ट डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन, फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया एल्युमिनियम यूटेंसिल्स मैन्युफैक्चरर्स, ऑल इंडिया एसोसिएशन ऑफ़ इलेक्ट्रॉनिक्स मर्चेंट्स एसोसिएशन, टॉयज़ एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया, ड्रग डीलर्स एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया, फेडरेशन ऑफ़ इलेक्ट्रिकल गुड्स एंड अप्लायंस एसोसिएशन, फेडरेशन ऑफ़ हार्डवेयर मैन्युफैक्चरर्स एंड ट्रेडर्स एसोसिएशन सहित देश के 40 हजार व्यापारी संगठन कैट के नेतृत्व में इस आंदोलन में शामिल होंगे !

देश भर में व्यापारिक समुदाय अमेज़ॅन, फ्लिपकार्ट और अन्य ई कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ जो कानून को दरकिनार कर सरकार की एफडीआई नीति के प्रेस नोट नंबर 2 का उल्लंघन कर रहीं  हैं के खिलाफ एक आक्रामक राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू करने के लिए पूरी तरह से तैयार है ! कैट के तत्वाधान में नई दिल्ली में आयोजित एक राष्ट्रीय व्यापारी सम्मेलन में देश के 27 राज्यों के प्रमुख व्यापारी नेताओं ने एक स्वर से कहा की हम अमेज़ॅन, फ्लिपकार्ट और अन्य ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ एक मजबूत लड़ाई छेड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं क्योंकि ये कंपनियां देश भर में 7 करोड़ से अधिक व्यापारियों और भारत के ई-कॉमर्स बाजार को विकृत करने तथा देश के खुदरा व्यापार को नष्ट करने पर आमादा है ! ट्रांसपोर्टर्स, किसानों, छोटे उद्योगों, उपभोक्ताओं, हॉकरों, स्व-नियोजित समूहों, महिला उद्यमियों और अन्य लोगों सहित खुदरा व्यापार के अन्य क्षेत्र के प्रमुख नेताओं ने भी सम्मेलन में भाग लिया और कैट को अपना मजबूत समर्थन देते हुए इस देशव्यापी आंदोलन में शामिल होने की घोषणा की !

कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी.भरतिया तथा राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि सम्मेलन ने एकमत से कहा की अब इस मामले में प्रधानमंत्री के हस्तक्षेप का समय आ गया है और प्रधानमंत्री के स्पष्ट दृश्टिकोण की देश  के क़ानून और सरकार की नीति का अक्षरश पालन सभी के लिए अनिवार्य है के तहत इन कंपनियों को भी पालन करने के लिए बाध्य करना जरूरी है ! इस मुद्दे पर कैट शीघ्र ही प्रधानमंत्री से मुलाकात का समय मांगेगा ! यह महत्वपूर्ण और ज्वलंत मुद्दा देश के घरेलू व्यापार और छोटे उद्योगों को गहराई से प्रभावित करते हैं जो सरकार के लिए प्रमुख राजस्व एकत्र करने का सबसे बड़ा जरिया है !

 भरतिया और खंडेलवाल दोनों ने बताया कि सम्मेलन ने एक स्वर में कहा कि यह किसी भी कीमत पर किसी भी अन्य ईस्ट इंडिया कंपनी को देश में उभरने नहीं देगा और भारत के खुदरा व्यापार को ई-कॉमर्स कंपनियों के अनैतिक प्रकोप से बचाएगा जिनकी कुप्रथाएँ लागत से भी कम मूल्य पर माल बेचना और अनैतिक भारी डिस्काउंट देश के खुदरा व्यापार के लिए बेहद घातक साबित होगा। उन्होंने कहा कि ये कंपनियां वास्तव में कोई व्यापार नहीं कर रही हैं बल्कि अपने निजी इक्विटी या वेंचर कैपिटलिस्ट निवेशकों के इशारों पर एक वैल्यूएशन खेल में लिप्त हैं जो देश के घरेलू व्यापार के ताने बाने को विकृत कर रहा है।   13 नवंबर से अपने राष्ट्रव्यापी आंदोलन का एक आक्रामक रोडमैप तैयार किया है और 13  नवम्बर को देश भर में   "राष्ट्रीय जागरूकता अभियान दिवस" के रूप में मनाया जाएगा