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82.33% प्राइवेट नौकरी वाले जॉब सिक्योरिटी के लिए चाहते हैं सरकारी नौकरी
July 15, 2020 • नूरुद्दीन अंसारी • राष्ट्रीय

नई दिल्ली, नोवेल कोरोनावायरस ने भारत में नौकरी के हालात को पूरी तरह बदल दिया है. कोरोना के कारण बहुत से नौकरीपेशा लोगों की नौकरी छिन गयी है, तो कई लोगों को अपनी नौकरी किसी भी समय चले जाने का डर बना हुआ है. इसलिए, सरकारी नौकरियों की मांग में अचानक बढ़ोत्तरी हुई है, जहाँ 82.33% प्रोफेशनल्स सरकारी नौकरी पाना चाहते हैं, ताकि उन्हें जॉब सिक्योरिटी मिल सके और साथ ही वेतन और अन्य भत्ते भी मिलें.

ये आंकड़े Adda247 की ओर से कराए गये ‘State of Government Jobs during the pandemic’ ('महामारी के दौरान सरकारी नौकरियों की स्थिति') अध्ययन में सामने आए हैं. Adda247, देश का सबसे भारत के सबसे बड़े और सबसे तेजी से बढ़ते एजुकेशन टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म्स में से एक है, जो JEE, NEET और डिफेंस की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराता है. इस स्टडी में, देखा गया है कि कोरोना के कारण शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की रोजगार वरीयता में बड़े बदलाव आये हैं।

नौकरी पाने की इच्छा रखने वाले लाखों उम्मीदवारों के लिए एक बेहतरीन ऑनलाइन लर्निंग और ट्रेनिंग मॉडल के रूप में, Adda247 प्लेटफार्म पर भी इसके ऑनसाइट ट्रैफ़िक में 27.28% की बढ़ोत्तरी देखी गयी है, जिसमें 72.30% पुरुष हैं, जबकि 27.70% महिलायें शामिल हैं. यह अध्ययन देशभर में आयोजित किया गया था, जिसमें यह बात सामने आई है कि दिल्ली के लोगों में सरकारी नौकरियों की डिमांड सबसे ज्यादा यानी 11.04% है, और इसके बाद दूसरे स्थान पर पटना है, जहां 11.03% डिमांड देखी गई. सरकारी नौकरियों की बढ़ती मांग यह दर्शाती है कि सरकारी नौकरी में लोगों का रुझान होने का जॉब सिक्योरिटी ही प्रमुख कारण है। यह नॉन-मेट्रो सिटीज़ में बढ़ती तकनीकी सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता (technological empowerment and social awareness) को भी दिखाता है।

मेट्रो सिटीज़ यानी बड़े शहरों में डिमांड लगभग 34% दर्ज की गयी, जबकि छोटे शहरों से यह डिमांड  66% रही. यह दर्शाता है कि महानगरों में काम करने वाले प्रोफेशनल्स ने बड़े पैमाने पर अपने गाँवों, शहरों में लौट गये हैं ताकि वे महामारी से बच सकें और इस संकट में अपने परिवार के साथ रह सकें. छोटे शहरों से सरकारी नौकरियों की भारी मांग दर्शाती है कि सरकारी नौकरियों को, प्राइवेट नौकरियों से ज्यादा सुरक्षित माना जाता है.

इस स्टडी में ज्यादातर आंकड़ों में एक फैक्ट निकलकर आया है कि हिस्सा लेने वालों में से 82.33%  ने माना कि वे सरकारी नौकरी जॉब सिक्योरिटी की वजह से पाना चाहते हैं, जबकि 5% वे लोग हैं जो सरकारी नौकरी वेतन लाभ के लिए पाना चाहते हैं, और अन्य 2.77 % ने माना कि वे अन्य लाभों को देखते हुए गवर्नमेंट जॉब करना चाहते हैं. क्योंकि वर्तमान परिस्थितियों को देखा जाए, तो कोरोना महामारी के चलते न जाने कितने प्रोफेशनल्स को बिजनेस इकॉनोमी गिर जाने पर जॉब से निकाल दिया गया.   

एक ओर जहां 64.77% लोगों ने नेशनल और स्टेट लेवल की परीक्षाओं के लिए प्राथमिकता दी, वहीं इस सर्वे में शामिल हुए 28.78% लोगों ने स्टेट लेवल के बजाए, नेशनल लेवल की सरकारी परीक्षाओं को अपनी पसंद बताया, जबकि 6.45% लोगों ने स्टेट लेवल एक्साम्स को चुना. इसके अलावा, इस सर्वे में शामिल लॉट के 80.33% भाग ने अपनी पढाई पूरी कर लि है, जबकि बाकी 19.67 लोग अभी भी पढ़ाई कर रहे हैं या कहीं न कहीं एनरोल किया है.

सर्वे ग्रुप के 83.40% लोगों ने इंग्लिश को अपनी लेंग्वेज के तौर पर प्रेफर किया, इसके बाद 11.40% ने हिंदी भाषा को चुना और 5.20% ने अपनी क्षेत्रीय भाषा को अपनी भाषा का माध्यम चुना. आपको बता दें कि Adda247 नेशनल और स्टेट लेवल के सभी कॉम्पीटिटिव एग्जाम्स के लिए इंग्लिश और हिंदी के साथ-साथ क्षेत्रीय भाषाओं में भी अपनी टेस्ट सीरीज उपलब्ध कराता है, ताकि इस एडूटेक कम्पनी के साथ छात्रों को भी लाभ मिल सके.

इस स्टडी में सामने आये सभी फैक्ट्स पर अपनी बात रखते हुए Adda247 के प्रवक्ता ने कहा, “दरअसल इस गहन रिसर्च और सर्वे के माध्यम से हम चाहते थे कि पोस्ट-लॉकडाउन यानी लॉकडाउन के बाद होने वाले विकास का मूल्यांकन किया जाए. सर्विसेज और काम-काज के बंद होने से वर्किंग क्लास के अधिकतर प्रोफेशनल्स(पेशेवरों) को इस बात का डर है कि उनकी नौकरी अब खतरे में है, वे कभी भी बेरोजगार हो सकते हैं, क्योंकि कोरोना संकट में बहुत सारे पेशेवरों की नौकरी चली गयी या नौकरी खोने वालो की लाइन में थे. और इन्हीं कारणों के चलते पेशेवरों को ध्यान सरकारी नौकरियों की ओर हुआ, इस सर्वे में हमने एक बात यह भी देखी कि इन लोगों का झुकाव इस ओर ज्यादा होने का कारण जॉब सिक्योरिटी और सरकारी नौकरियों में मिलवे वाले वेतन और अन्य भत्तों का होना है.

इस स्टडी में जो सबसे बड़ा फैक्ट हमें दिखाई दिया वह था कि छोटे शहरों या कहें कि non metropolitan cities में बड़े शहरों से वर्कर्स का बड़े पैमाने पर पलायन होना भी है, जिसके कारण बड़े शहरों की तुलना में यहाँ सरकारी नौकरियों की मांग अधिक अधिक देखी गई. Adda247 देश का सबसे जाना-माना टेक ड्रिवन ऑनलाइन लर्निंग पोर्टल है, जो देश की सभी सरकारी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स को बेस्ट स्टडी मेटीरियल और क्वालिटी एजुकेशन देता है. एजुकेशन टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म ने  लॉकडाउन के चलते ऑफलाइन क्लास बंद होने से स्टूडेंट्स को होने वाली सभी परेशानियों को दूर कर दिया है, क्योंकि अब वे घर बैठे Adda247 के लर्निंग प्लेटफार्म के साथ हैं.”