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आज़मगढ़ और गाजीपुर में बुद्ध,अम्बेडकर,रविदास की मूर्तियों को क्षतिग्रस्त की घटना वंचित समाज का अपमान
August 25, 2020 • क़ुतुब मेल • राष्ट्रीय

लखनऊ . रिहाई मंच ने आजमगढ़ में बीपी मंडल की जयंती पर बहुजन नायक-नायिकाओं की होर्डिंग फाड़े जाने और गाजीपुर में प्रतिमाओं को क्षतिग्रस्त कर कालिख पोतने को वंचित समाज का अपमान कहते हुए तत्काल दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. 

रिहाई मंच महासचिव राजीव यादव ने कहा कि बीपी मंडल की होर्डिंग या संविधान निर्माता बाबा साहेब को कालिख पोतने की घटना ने साफ कर दिया है कि वंचित समाज के विरोधियों की नींद हराम हो चुकी है. बहुजनों की वैचारिकता से डरे हुए लोग जो कल हमारे मुंह पर कालिख पोतते थे आज रात के अंधेरे में वही कृत्य कर रहे हैं. आज उनकी हिम्मत नहीं कि दिन के उजाले में वे ऐसा करें. वंचित समाज को ये ताकत संविधान ने दी है, मंडल आयोग ने दी है इसके लिए हमें हर दौर में लड़ना होगा. बहुजन एकजुटता से वो पागल होकर लोकतंत्र-संविधान विरोधी आतंकी कार्रवाई अंजाम दे रहे हैं.

उन्होंने कहा कि प्रशासन को इस घटना का तत्काल संज्ञान लेना चाहिए कि किन संगठनों और व्यक्तियों द्वारा सामाजिक तनाव पैदा करने के लिए ये साजिशें की जा रही हैं. क्योंकि धार्मिक और जातीय तनाव पैदा करके समाज को आतंकित करना ब्राह्मणवाद-मनुवाद के एजेंडे में है. एक के बाद एक घटनाएं बताती हैं कि कोई संगठित आतंकी गिरोह इन घटनाओं को अंजाम दे रहा है. विकृत मानसिकता वाले लोग इतना भी सहन नहीं कर सकते कि कोई एडवोकेट विमला यादव, हरिकेश, सतीश कुमार, कमलेश गौतम, हरेंद्र प्रताप, राजेश मौर्य अपने समाज के नायकों को श्रद्धांजलि दें.

राजीव यादव ने कहा कि मंडल जयंती के अवसर पर आज़मगढ़, दीवानी कचहरी के पास बीपी मंडल, महात्मा ज्योतिबा फुले, बाबा साहेब अम्बेडकर, शाहू जी महाराज, जगदेव बाबू कुशवाहा, राम स्वरूप वर्मा, अब्दुल कलाम, फूलन देवी को श्रद्धांजलि देते हुए 21 अगस्त को एक होर्डिंग लगाई गई. राष्ट्रीय विद्यार्थी चेतना परिषद द्वारा नगरपालिका को निर्धारित शुल्क देकर लगाई गई होर्डिंग को 21 अगस्त की रात अराजकतत्वों ने फाड़कर टुकड़े-टुकड़े कर दिया. शहर के इस क्षेत्र में जहां पुलिस की सरगर्मी अधिक रहती है वहां इस घटना का होना आसान नहीं है. वहीं गाजीपुर के मरदह थाना क्षेत्र के फेफरा गांव में बाबा साहेब अंबेडकर, बुद्ध, संत रविदास जी की प्रतिमा को संविधान विरोधियों ने क्षतिग्रस्त कर कालिख पोती.