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बेटी भी नाम रौशन कर सकती हैं और बेटियां कभी बोझ नहीं होती~अभिनेत्री शशिता राय
October 18, 2019 • संत कुमार गोस्वामी

भोजपुरी फिल्म जगत में नाम कमाने वाली और अपनी एक्टिंग से दर्शकों पर छाप छोड़ने वाली शशिता राय ने अपनी कई फिल्मों के बारे में जिक्र किया साथ ही उन्होंने बताया कि वह थिएटर से भी जुड़ी हुई है। मगही भाषा में "दरोगा भाभी" सीरियल की शूटिंग पूरी कर लौटी ,शशिता राय का कहना है कि यह सीरियल दर्शकों को काफी पसंद आएगा।

शशिता गायकी के क्षेत्र में भी काफी शोहरत हासिल कर चुकी है इनके गाए भजन लोगों में काफी पसंद किये जाते हैं । इनकी इच्छा है कि वह हिंदी फिल्म इण्डस्ट्री में भी अपनी एक्टिंग के दम पर एक अलग पहचान बनाने में कामयाब हों और वह इस कोशिश में लगी हुई हैं। उन्होंने कहा है कि अपने मेहनत के बल पर मैं यह मुकाम हासिल जरूर करूंगी

शशिता रॉय अपने बारे में बताती हैं कि वह दरभंगा बिहार से हैं और वह वेस्ट बंगाल रहती हैं। ऐक्ट्रेस सिंगर दोनों हूँ भाषा हिन्दी, बंगला, पंजाबी, भोजपुरी, मैथिली, बंजीका मगही सब जानती हूँ ,बचपन से ही कुछ बनना चाहती थी फैमिली सपोर्ट नहीं मिला कम उम्र में शादी कर दी गई शादी के बाद पति का पूरा सपोर्ट मिला और एक्टिंग के साथ - साथ गायन का सिलसिला शुरू हो गया। 12 साल पहले मैं एक शिव मंदिर में भगवान शिव के भजन के गाने से मेरे जीवन में एक नई शुरुआत हुई। 

लोगों ने मेरा उत्साह बढ़ाया अब क्या था मेरे सपनों ने उड़ान भरनी शुरू कर दी। मेरे मन में विश्वास पैदा हुआ कि मैं इस क्षेत्र में आगे जाने का एक सपना पैदा हुआ मुझे साहस मिला। फिर मुझे एक प्ले में एक्टिंग का चान्स मिला मैथिली प्ले शेष नै नाम था उस प्ले का ,उसमें मैंने दिन रात मेहनत की पुरे परिवार और समाज घर सबको सम्भालते हुए उस प्ले में अपना कला दिखाई फिर हर साल हमें उसमें हिस्सा लेने का मौका मिलता था। 6 साल तक प्ले करती रही संगीत भी गाती रही फिर मुझे एक सिरियल में चान्स मिला सशक्त नाम था।  फिर उसके बाद पुरस्कार भी मिलने लगे पटना कालीदास रंगालय में हमें सम्मानित किया गया वेस्ट ऐक्ट्रेस का अवार्ड मिला।

मैथिली फिल्म "लव यू दुल्हीन" में डविंग का चान्स मिला ,"छोटकी ठकूराइन","कर्जा माई माटी के","माँ की ममता" में काम किया। शशिता राय कहती हैं कि जब मेरा जन्म हुआ तो लोग बड़े ताने देते थे कि बेटी हो ,बोझ हो। मैंने ठान लिया की बेटी भी नाम रौशन कर सकती हैं और बिटिया कभी बोझ नहीं होती हम भी बहुत कुछ कर सकते हैं और आज हम वो हर मकाम हासिल किया है जिसका मैंने सपना देखा था।  आज आप लोगों के स्नेह और प्यार से हर मजिंल मिली हैं मुझे और सपनों को साकार किया है।  इनकी रिलीज होने वाली भोजपुरी फिल्में छोटकी ठकुराइन ,मां की ममता है।