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भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्‍यवस्‍था बनाने का लक्ष्‍य हासिल करना संभव है :प्रधानमंत्री
December 21, 2019 • क़ुतुब मेल • बिज़नेस

इस समग्र सकारात्‍मकता के साथ भारत 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्‍यवस्‍था बनने के लक्ष्‍य की प्राप्ति की दिशा में अग्रसर हो गया है। सरकार इस लक्ष्‍य की प्राप्ति में आवश्‍यक सहयोग प्रदान करने के लिए बुनियादी ढांचागत क्षेत्र में 100 लाख करोड़ रुपये के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र (सेक्‍टर) में भी 25 लाख करोड़ रुपये का और निवेश करेगी।

नई दिल्‍ली -भारत को 5 ट्रिलियन (लाख करोड़) डॉलर की अर्थव्‍यवस्‍था बनाने का लक्ष्‍य हासिल करना संभव है। प्रधानमंत्री प्रमुख उद्योग चैम्‍बर 'एसोचैम' के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्‍य में आयोजित कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को सम्‍बोधित कर रहे थे। कॉरपोरेट जगत की हस्तियों, राजनयिकों के समूह को सम्‍बोधित करते हुए कहा कि भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्‍यवस्‍था में तब्दील करने का आइडिया अचानक नहीं आया है।

उन्‍होंने कहा कि पिछले 5 वर्षों में देश ने स्‍वयं को इतना मजबूत कर लिया है कि उसने न केवल खुद के लिए इतना महत्‍वपूर्ण लक्ष्‍य तय कर लिया है, बल्कि इस दिशा में उसने ठोस प्रयास करने भी शुरू कर दिए हैं। 'इससे 5 साल पहले अर्थव्‍यवस्‍था तबाही की ओर अग्रसर थी। हमारी सरकार ने न केवल इस पर विराम लगाया, बल्कि अर्थव्‍यवस्‍था में अनुशासन का मार्ग भी प्रशस्‍त किया।'

प्रधानमंत्री ने कहा, 'हमने भारत की अर्थव्‍यवस्‍था में बुनियादी परिवर्तन किए, ताकि इसका संचालन निर्धारित नियमों के मुताबिक अनुशासित ढंग से हो सके। हमने औद्योगिक क्षेत्र की दशकों पुरानी मांगें पूरी कीं और हमने देश को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्‍यवस्‍था बनाने की मजबूत नींव डाल दी है।'

उन्‍होंने कहा, 'हम औपचारिकरण और आधुनिकीकरण के दो मजबूत स्‍तम्‍भों पर भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था का निर्माण कर रहे हैं। हम अधिक से अधिक क्षेत्रों (सेक्‍टर) को औपचारिक अर्थव्‍यवस्‍था के दायरे में लाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके साथ ही हम देश की अर्थव्‍यवस्‍था को नवीनतम प्रौद्योगिकी से जोड़ रहे हैं, ताकि हम आधुनिकीकरण की गति को तेज कर सकें।, 'अब किसी भी कम्‍पनी के पंजीकरण में कई हफ्तों के बजाय केवल कुछ ही घंटे लगते हैं। स्‍वचालन (ऑटोमेशन) से सीमा पार व्‍यापार बड़ी तेजी से करने में मदद मिल रही है। बुनियादी ढांचागत सुविधाओं के बेहतर जुड़ाव से बंदरगाहों और हवाई अड्डों पर जहाजों एवं विमानों के आगमन व प्रस्‍थान में लगने वाला कुल समय निरंतर घटता जा रहा है। ये सभी एक आधुनिक अर्थव्‍यवस्‍था के ही उदाहरण हैं।'

प्रधानमंत्री ने कहा, 'आज हमारे देश में एक ऐसी सरकार है जो उद्योग जगत के विचारों को सुनती है, उसकी जरूरतों को समझती है और इसके साथ ही उसके सुझावों के प्रति पूरी तरह से संवेदनशील है। निरंतर अथक प्रयास करने की बदौलत ही भारत 'कारोबार में सुगमता' सूचकांक में उल्‍लेखनीय छलांग लगाने में कामयाब हो पाया है।'कारोबार करने में सुगमता' वाक्‍य भले ही सिर्फ चार शब्‍दों से बना हो, लेकिन इस सूचकांक में भारत की रैकिंग को बेहतर करने के लिए अनगिनत ठोस प्रयास किए गए हैं, जिनमें जमीनी स्‍तर पर नीतियों एवं नियमों में अपेक्षित बदलाव लाना भी शामिल हैं।

प्रधानमंत्री ने इस बात को भी रेखांकित किया कि देश में व्‍यक्तिगत तौर पर उपस्थित हुए बगैर ही कर प्रशासन सुनिश्चित करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि करदाता और प्राधिकरणों के बीच व्‍यक्तिगत उपस्थिति की आवश्‍यकता कम से कम हो जाए। उन्‍होंने कहा, 'कर प्रणाली में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए हम बगैर व्‍यक्तिगत उपस्थिति वाले कर प्रशासन की ओर तेजी से अग्रसर हो रहे हैं।' सरकार ने कॉरपोरेट सेक्‍टर से जुड़े अनेक कानूनों का गैर-अपराधीकरण कर दिया है, ताकि उद्योग जगत भय रहित माहौल में काम कर सके।

प्रधानमंत्री ने कहा, 'आप जानते हैं कि कम्‍पनी अधिनियम में अनेक प्रावधान हैं, जिनके मामूली उल्‍लंघन को भी फौजदारी अपराध मान लिया जाता है। हमारी सरकार ने ऐसे अनेक प्रावधानों का गैर-अपराधीकरण कर दिया है। हम इसके अलावा भी कई अन्‍य प्रावधानों का गैर-अपराधीकरण कर रहे हैं अथवा उन्‍हें दीवानी अपराधों में तब्‍दील कर रहे हैं।'

प्रधानमंत्री ने कहा, 'सरकार की ओर से उठाये गए विभिन्‍न कदमों की बदौलत आज 13 बैंक मुनाफे के पथ पर अग्रसर हैं, जबकि 6 बैंक 'पीसीए' के दायरे से बाहर आ गए हैं। हमने बैंकों के विलय की प्रक्रिया भी तेज कर दी है। आज बैंक अपने-अपने देशव्‍यापी नेटवर्कों का विस्‍तार कर रहे हैं और इसके साथ ही वे वैश्विक मान्‍यता हासिल करने की दिशा में अग्रसर हैं।'