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भारतीय मुसलमानों से अपील रमजान के पवित्र महीने के दौरान लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन करें
April 14, 2020 • आरिफ जमाल • राष्ट्रीय

नयी दिल्ली - हिन्दुस्तान में भी लाखों मस्जिद, दरगाहें, इमामबाड़े, ईदगाहे, मदरसे एवं अन्य धार्मिक स्थल है जहां रमजान के पवित्र महीने में इबादत, तराबी, इफ़्तार आदि का आयोजन होता है, जहां बड़ी संख्या में लोगों के इकट्ठा होने की परम्परा रही है। लेकिन कोराना महामारी के मद्देनजर देश भर में लॉकडाउन, कर्फ्यू, सोशल डिस्टेंसिंग के दिशा-निर्देश केन्द्र एवं सभी राज्यों सरकारों द्वारा लागू किये गए हैं।

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने अपील की, कि कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए 24 अप्रैल से शुरू हो रहे रमजान के पवित्र महीने के दौरान भारतीय मुसलमान, लॉकडाउन के दिशा-निर्देशों एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पूरी ईमानदारी से पालन करते हुए अपने-अपने घरों पर ही इबादत करें।

मुख्तार अब्बास नकवी, जो कि राज्यों के वक्फ बोर्डों की रेगुलेटरी बॉडी (नियामक संस्था) सेंट्रल वक्फ काउंसिल के चेयरमैन भी हैं। उन्होंने बताया कि राज्यों के विभिन्न वक्फ बोर्डों के अंतर्गत देश भर में 7 लाख से ज्यादा पंजीकृत मस्जिदें, ईदगाहें, इमामबाड़े, दरगाहें एवं अन्य धार्मिक संस्थान आते हैं। कोरोना महामारी के मद्देनजर सऊदी अरब सहित अधिकांश मुस्लिम देशों ने रमजान पर धार्मिक स्थलों पर इबादत, इफ्तार आदि पर रोक लगा दी है। नकवी ने बताया कि उन्होंने राज्य वक्फ बोर्ड के अधिकारियों-पदाधिकारियों से बात करने के बाद उनसे अपील की है, कि धार्मिक-सामाजिक संगठन एवं धर्मगुरु यह सुनिश्चित करें कि रमजान के महीने में मस्जिदों एवं अन्य धार्मिक स्थलों की जगह लोग अपने-अपने घरों पर रमजान की धार्मिक जिम्मेदारियों को पूरा करें। किसी भी तरह से किसी भी धार्मिक स्थल पर लोगों के इकट्ठा होने से रोकने के प्रभावी उपाय करने होंगे, सभी धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों एवं लोगों को, स्थानीय प्रशासन की इस कार्य में मदद लेनी एवं देनी चाहिए।

 नकवी ने कहा कि कोरोना की चुनौती को ध्यान में रखकर देश के सभी मन्दिरों, मस्जिदों, गुरुद्वारों, चर्चों एवं अन्य धार्मिक स्थलों पर होने वाले धार्मिक कार्यक्रम पूरी तरह रोक दिये गये हैं और लॉकडाउन एवं सोशल डिस्टेंसिंग का प्रभावी ढंग से पालन किया जा रहा है।