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दिल्ली की कड़ाके की ठंड मे डूसिब और सौफिया बचा रहा है बेघरों की जान 
December 28, 2019 • इरफ़ान राही  • राष्ट्रीय

नयी दिल्ली - उत्तर पूर्वी जिले मे सौफिया एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी व् दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड दिल्ली सरकार मिलकर इस कड़ाके की ठंड मे बेघर बचाव दल बेघरों की जान बचाने के लिए उत्तर पूर्वी जिले मे पूरी मुस्तैदी के साथ लगातार बेघरों को रोड से समझाकर व् दिल्ली सरकार द्वाराआश्रय घरों मे दी जाने वाली सुविधाओं के बारे मे जानकारी देकर उन्हें इतनी जानलेवा ठण्ड से बचाने के लिए रोजाना करीब 10 से 15 लोगो को स्तान्तरित कर रहे है जिससे उनकी जान बचना सुनिश्चित हो रहा है

इस साल दिल्ली सरकार ने पूरी दिल्ली मे करीब 245 रैनबसेरों मे 18 हजार बेघरों को आश्रय देने की व्यवस्था की है जिसमे कम्बल, गद्दे, तकिया, बैड शीट, साफ पीने का पानी व्साफ सुथरे शौचालय के साथ साथ वहाँ पर सोने वाले बेघरों के साथ कर्मचारियों को अपना बर्ताब अच्छा रखने के लिए समुचित तरीके से ट्रेनिंग दी जाती है पर्यावरण की शुद्धिकरणहेतु वायु शुद्ध करने वाले व् रैन बसेरों को खूबसूरत बनाने केलिए विभिन्न प्रकार के पौधे लगाकर वातावरण को प्रभावीबनाया गया है मनोरंजन के लिए सभी रैन बसेरों मे टीवी भी लगाए गए है और समय समय पर प्रोजेक्टर के द्वारा नई नईफिल्मे व् क्षेत्रीय फिल्मे दिखाई जाती है व् सभी त्योहारों कोभी बेघरों के साथ मनाया जाता है जिससे उन्हें घर जैसा वातावरण मिल सके और  रैन बसेरों मे सोने वाले लोगो को कोई असुविधा न हो

दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड के करीब 17 बचाव दल पूरीदिल्ली मे बहुत मुस्तैदी से रोजाना सैंकड़ों बेघरों को समझा करउन्हें ठण्ड से बचाने के लिए रैन बसेरों मे सुरक्षित भेज रहे हैजिससे पूरी ठण्ड के इस मौसम मे करीब 4  से 5 हजार लोगो को बचाया जा सके दिल्ली सरकार ने एक ऐप बेघरों का सहारा "रैन बसेरा ऐप" बनाया है जिसे 8826400500 परमिस्ड कॉल करके या गूगल प्ले स्टोर से  डाउनलोड किया जासकता है यदि आप बेघर लोगो को खुले मे सोते हुए पाए तोउन्हें "रैन बसेरा ऐप" के माध्यम से फोटो खींचकर भेजे जिससेबचाव दल उन्हें पास के रैन बसेरा मे सुरक्षित भेज देंगे  याआप डूसिब के कण्ट्रोल रूम मे 24x7 कॉल करके निम्ननंबरों पर सूचित कर सकते है   8826393774 , 011-23370560

डूसिब के इस अथक प्रयास से हर साल ठण्ड से मरने वालोंकी तादाद मे भरी कमी आयी है  वर्ना ठण्ड से मरने वालों कीतादाद काफी होती  थी लकिन अब जो लोग सिर्फ बचाव दलकी नजरों से बच जाते है वही ठण्ड का शिकार होते है आपकासहयोग डूसिब व् सौफिया संस्था की मदद कर बेघरों कीफोटो हमे भेजकर उनकी जान बचाये आपका ये सहयोगकिसी बेघर की जान बचा सकता है