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एमजी हेक्टर और एमजी हेक्टर प्लस की प्रत्येक बिक्री में से एक हिस्सा सीधे बालिका शिक्षा में जाता है
July 23, 2020 • नूरुद्दीन अंसारी • राष्ट्रीय

एमजी हेक्टर और एमजी हेक्टर प्लस की प्रत्येक बिक्री में से एक हिस्सा सीधे बालिका शिक्षा में जाता है। एमजी ने पहले भी इसी तरह का कार्यक्रम चलाया था और भारत में 60,000 से अधिक लड़कियों की शिक्षा को सपोर्ट किया था।

गुरुग्राम : कोरोनावायरस प्रकोप के बीच बने 'न्यू नॉर्मल' के लिए वंचित तबके की लड़कियों की शिक्षा के लिए एमजी मोटर इंडिया ने अब इम्पैक्ट (IIMPACT) के साथ 'इम्पैक्ट-टेक स्टुडियो: ई-शिक्षा, एक नई दिशा' नामक ई-लर्निंग पहल शुरू की है। बालिका शिक्षा के लिए एन.जी.ओ. पहल के हिस्से के रूप में कार निर्माता 5 शहरों में 15 इम्पैक्ट लर्निंग सेंटर (एलसी) को ई-लर्निंग सॉल्युशन से लैस करेगा।

भारत में कार निर्माता के आने के बाद से एमजी और इम्पैक्ट की सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित तबके की लड़कियों की शिक्षा के लिए सक्रिय भागीदारी रही है। अब तक एमजी ने पूरे देश में इम्पैक्ट के 50 लर्निंग सेंटर्स को सपोर्ट किया है। एमजी और इम्पैक्ट दोनों अब इनमें से 15 केंद्रों को ई-लर्निंग सेंटर बना रहे हैं, जिसकी शुरुआत 5 शहरों से होगी। कार निर्माता साथ ही इम्पैक्ट हेडक्वार्टर के ट्रेनिंग और प्रोफेशनल डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के टेक इनेबलमेंट को ड्राइव कर रहा है। इसका दूरगामी असर दिखाई देगा और यह 11 राज्यों में अतिरिक्त 1800+ इम्पैक्ट एलसी को सशक्त करेगा। इस पहल के तहत प्रायमरी फोकस छात्रों और शिक्षकों के लिए गुणवत्तापूर्ण  सामग्री तैयार करने पर है। यह शिक्षकों के प्रोफेशनल डेवलपमेंट के साथ प्रोग्राम को आगे बढ़ाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्र की लड़कियों की शिक्षा संबंधी जरूरतों को पूरा किया जा सकेगा।

एमजी मोटर इंडिया के प्रेसिडेंट और मैनेजिंग डायरेक्टर राजीव चाबा ने इस पहल पर कहा, “न्यू नॉर्मल ने शिक्षा के क्षेत्र में बहुत बड़ा नीड गैप पैदा किया है। आज, देश भर के छात्र ‘स्टडी फ्रॉम होम’ मॉडल से पढ़ाई कर रहे हैं। हालांकि ऐसा करने में सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित तबके की छात्राओं को नुकसान हो रहा है क्योंकि उनके पास डिजिटल उपकरण नहीं है। एमजी में, हमारी कोशिश हमेशा से समाज को कुछ न कुछ लौटाने में रहती है। हम सभी के लिए अवसरों को समान बनाने में विश्वास करते हैं। इस वजह से इम्पैक्ट के साथ, हमारा विजन इस नीड-गैप  को बहुत हद तक दूर करने का है। हम स्कूली छात्राओं को शिक्षा से बहुत ज्यादा देना चाहते हैं। इस पहल के साथ, हम उन्हें पंख देने का इरादा रखते हैं। ”

इम्पैक्ट की एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर शुभांगी शर्मा ने कहा, “इस साझेदारी का उद्देश्य 6 से 14 वर्ष के बीच की लड़कियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। यह इन क्षेत्रों में आउट-ऑफ-स्कूल या अनियमित या ड्रॉप आउट लड़कियों की शिक्षा की जरूरतों को समर्थन करेगी। एमजी मोटर टीचिंग लर्निंग मटेरियल (टीएलएम) को विकसित करने, बनाने और प्रसार करने में मदद करेगा और इन केंद्रों पर एक इनेबलर के तौर पर टीचर्स को ट्रेनिंग प्रदान करेगा जो सीधे-सीधे शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाएगा। यह बच्चों की उपस्थिति, भागीदारी और शिक्षा से जोड़े रहने के लिए केंद्रीय स्तर पर तकनीकी हस्तक्षेप के साथ होगा। ” इस प्रोग्राम के जरिये दूरगामी प्रभाव होगा, और इसके जरिये ब्लेंडेड ट्रेनिंग पद्धति के माध्यम से 200 मेंटर शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे। उसेक बाद वे 1,800 शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे, जिससे छात्रों की संख्या बढ़ेगी।

एमजी मोटर इंडिया अपने कारोबार में ’कम्युनिटी’, ‘डायवर्सिटी’, ‘इनोवेशन’ और ’एनवायरनमेंट’ को महत्वपूर्ण स्टेकहोल्डर मानता है और उसने एमजी सेवा एंड सस्टेनेबिलिटी के तहत कई पहल की है।