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JIFF 2020 में छाएगा चीन की फिल्मों का जादू
December 30, 2019 • क़ुतुब मेल • मनोरंजन

जयपुर। गुलाबी शहर की गुलाबी सर्दियों में जयपुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (JIFF)। दुनिया भर में अपनी ख़ास पहचान जयपुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल [जिफ] का 12वां संस्करण होने जा रहा है। सिने प्रेमियों के लिए यह जानना किसी खुशखबरी से कम नहीं है कि जयपुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ट्रस्ट और आर्यन रोज़ फाउण्डेशन की ओर से आयोजित जयपुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल [ जिफ] का आगाज़ आगामी वर्ष 17 से 21 जनवरी को आयनॉक्स सिनेमा हॉल,जी.टी. सेन्ट्रल में होने जा रहा है।

जयपुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल इस बात के लिए जाना जाता है कि यहां दुनिया भर के देशों से आई फिल्में दिखाई जाती हैं। सिनेप्रेमियों के लिए यह जानना ख़ास होगा कि जिफ 2020 में चीन से आई कई फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा।चीनी फिल्मों में इन दा मड| नैगिंग| दा जोकर| फीलिंग्स टू टैल| मोज़ैक पोट्रेट| हैवी क्रेविंग|   दा नॉट|प्रॉहिबिट रिटर्न|अनस्टॉपेबल| रिडिकुलस स्कॉलर|ब्लडी डेज़ी और सन राइज़ेस फ्रॉम दा ईस्ट पोल का प्रदर्शन ख़ास रहेगा।

इन दा मड

यह शॉर्ट फिक्शन फिल्म 21वीं सदी में चीन के सरकारी तंत्र में फैले भ्रष्टाचार के बारे में है। वर्ष 2000 के आस – पास चीन ने लोगों पर अंतिम संस्कार से जुड़े कानून लागू कर दिए थे, लेकिन एक ऐसा गांव रह गया, जहां इन नियमों के बारे में कोई नहीं जानता। गांव में जांच करने आए एक पुलिस अधिकारी को मालूम हुआ कि पूरा गांव ही अन्धविश्वासों में डूबा हुआ है। ऐसे में, कॉफिन बनाने वाले कारपेन्टर के पास अब काम नहीं रहेगा, और यही सोचते हुए उसकी जिंदगी में उदासी फैल जाती है। ऐसे में वह केवल यही चाहता है कि मृत्यु के बाद उसे दफनाया ही जाए। वह गांव वालों की लापरवाही का फायदा उठाते हुए एक ऐसी बकरी को मार देता है, जिसे समूचा गांव पूजता है। लेकिन वह ख़ुद इस जंजाल में फंस जाता है और उसे अपनी जान तक गंवानी पड़ती है। फिल्म चीन के ग्रामीण हिस्सों के लोगों की बेपरवाही को उजागर करती है।

 नैगिंग

चीन की इस शॉर्ट फिक्शन फिल्म का निर्देशन शैंग गाओ ने किया है। फिल्म की कहानी एक दादी मां के इर्द – गिर्द घूमती है, जो बौद्ध मंत्रों का जाप करती है, आध्यात्मिकता के प्रति समर्पित है और अपने पोते बिनबिन की देखभाल करती है। अकसर पेरेंट्स के बाहर रहने के कारण बिनबिन अकेला महसूस करता है और विद्रोही हो जाता है। वह सारा दिन गेम्स खेलता रहता है। एक दिन बिनबिन के पिता उसे कहते हैं कि काम के चलते वे घर नहीं आ सके। वह इस बात पर ज्यादा ध्यान नहीं देता, लेकिन अपने पिता और दादी की फोन पर हो रही बातचीत सुन लेता है। बातचीत के दौरान वह अचानक दादी के मुंह से ऐसी बात सुनता है, जो उसे सहसा जागृत [अवेकन्ड] महसूस करा जाती है। उसे लगता है कि उसे ऐसा रास्ता मिल गया है, जिससे उसके माता – पिता अब सदा उसके साथ ही करेंगे। आख़िर क्या है वो तरीका?

फीलिंग्स टू टैल

यह एक फीचर फिक्शन फिल्म है, जिसे वेन ली ने बनाया है। एक युवा पेंटर जिआंग गहरी नींद में ताओगु  गांव में पहुंच जाता है, जहां वह एक मूक लड़की जिउअर और उसके पिता ओल्ड बाइ से मिलता है। इस सपने का जिआंग पर गहरा असर होता है। सपने में उसने देखा था कि इस पिता और पुत्री का जिआंगचु भगवान् में गहरा विश्वास है। फिल्म कई रोमांचक मोड़ों से गुज़रती है और आख़िर में जिआंग ताओगु गांव में पहुंच जाता है, जहां जिउअर और ओल्ड बाइ से फिर मिलता है। अब वह कई रहस्यात्मक बातों से मुखातिब होता है।

सन राइज़ेस फ्रॉम दा ईस्ट पोल

फिनिक्स डॉन्ग के निर्देशन में बनी यह फीचर फिक्शन फिल्म एक आम लड़की युएयान जू के बारे में है, जो शादी के ठीक एक दिन पहले गायब हो जाती है। उसका होने वाला पति एक सेलेब्रिटी है, जिससे हर लड़की शादी करना चाहती है। ऐसे में यह राज़ की बात है कि युएआन गायब क्यूं हो गई? हालांकि शादी में आया यह मोड़ भी सुर्खियों में छा जाता है। वहीं सेलेब्रिटी जिउआन की मां को मालूम होता है कि शादी समारोह के कई दिन पहले ही दोनों कानूनन शादी कर चुके हैं। वह चाहती है कि दोनों का तलाक हो जाए, जिससे जिउआन की जायदाद सुरक्षित रहे। अब वह वकील को यह काम सौंपती है कि जिउआऩ और युएआन के रिश्ते की तह तक पहुंचा जाए।

मोज़ेक पोट्रेट

चीन की इस फीचर फिक्शन फिल्म को जाई यिक्सिएंग ने बनाया है। फिल्म माइग्रेंट वर्कर एक्सू की कहानी है, जिसे अचानक एक दिन अपनी 14 वर्षीय बेटी यिंग की प्रेगनेंसी के बारे में पता चलता है। वह यिंग के स्कूल और स्थानीय प्रशासन के ज़रिए पता लगाने की कोशिश करता है, लेकिन कहीं इंसाफ नहीं मिलता। यिंग अपने एक टीचर के खिलाफ आरोप भी लगाती है, लेकिन प्रशासन उसे बचा लेता है। वही, दूसरी ओर यिंग मुश्किल भरे प्रेगनेंसी के समय से गुज़रती है। बच्चे के जन्म के बाद वह उस शहर को छोड़ कर चली जाती है, ताकि उसका अतीत उसे परेशान नहीं करे। लेकिन क्या उसे सुकून मिलेगा? या क्या वह अपने अन्दर की आवाज़ को कभी सुन पाएगी?