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पूनावाला फाइनेंस ने 1,000 करोड़ रुपए का AUM पार किया
December 13, 2019 • नूरुद्दीन अंसारी • बिज़नेस

पूनावाला फाइनेंस का उद्देश्य भारत में बिजनेस लोन, पर्सनल लोन, प्रोफेशनल लोन और कंज्यूमर ड्यूरेबल लोन सेग्मेंट में छोटे लोन में लीडरशिप पोजिशन के साथ भारत में सबसे ज्यादा "ट्रस्टेड एंड प्रिफर्ड डिजिटल लेंडिंग एनबीएफसी" बनना है। पूनावाला फाइनेंस विकास पथ पर बने रहने के लिए ग्राहक-केंद्रित और संबंधों पर आधारित बिजनेस मॉडल का अनुसरण करता है, जो छोटे कर्जों पर ग्राहकों के लिए अधिक सेवाएं देने में मदद करता है। यह दावा करते हुए हमें गर्व है कि एनबीएफसी क्षेत्र में हम जीरो प्री-पेमेंट चार्ज के साथ सबसे कम ब्याज दर पर लोन प्रदान करते हैं।

नयी दिल्ली : देश की सबसे तेज गति से विकास कर रही गैर-बैंकिंग वित्त कंपनियों में से एक पूनावाला फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड ने नवंबर 2019 में 1000 करोड़ रुपए के एयूएम को पार कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। पुणे में मुख्यालय वाली इस कंपनी ने यह उपलब्धि महज 8 महीने की अवधि में हासिल की है, जो इसे कई मायनों में खास बनाती है। रिटेल सेग्मेंट में अपने विविध फाइनेंस प्रोडक्ट्स और प्रौद्योगिकी-संचालित लेंडिंग सॉल्युशन के लिए पहचान रखने वाली कंपनी ने उन लोगों की वित्तीय आवश्यकताओं के लिए आसान समाधान प्रस्तुत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हैं, जिन्हें अब तक सुविधाओं तक पहुंच उपलब्ध नहीं थी। इसी वजह से कंपनी ने अपने लिए इतनी कम अवधि में प्रतिष्ठित स्थान हासिल किया है। पूनावाला फाइनेंस सायरस पूनावाला ग्रुप का एक हिस्सा है, जिसकी कुल संपत्ति 8.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर है।

पूनावाला फाइनेंस की खासियत है कम से कम दस्तावेज, आसान आवेदन प्रक्रिया, आकर्षक ब्याज दर और शून्य प्री-पेमेंट चार्जेस के साथ जल्द से जल्द और बिना किसी परेशानी के कर्ज उपलब्ध कराना, जो पारंपरिक समाधानों से अलग है। अपने इक्विटी और नकदी से समृद्ध ग्रुप के साथ एनबीएफसी क्षेत्र में कार्यरत होने के कारण पूनावाला फाइनेंस अन्य एनबीएफसी की तुलना में काफी कम ब्याज दर पर लोन उपलब्ध करती है।

पूनावाला फाइनेंस का प्राथमिक ध्यान अपनी टेक्नोलॉजी विकसित करना और उसमें निवेश करना है जो इसके डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म और क्षमताओं को समर्थन करता है। डेटा एनालिटिक्स, डेटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, और मशीन लर्निंग के मिश्रण से पूनावाला फाइनेंस ग्राहकों की क्रेडिट का आकलन करने, त्वरित क्रेडिट निर्णय सुनिश्चित करने और कम से कम समय में लोन उपलब्ध करने के लिए, कुछ मामलों में तो कुछ ही घंटों के भीतर, एक संपूर्ण और मजबूत लेंडिंग इकोसिस्टम विकसित कर रहा है।

इस उपलब्धि पर पूनावाला फाइनेंस के अध्यक्ष आदर पूनावाला ने कहा, “हमारे लिए इतने कम समय में एयूएम में 1,000 करोड़ रुपए की उपलब्धि को हासिल करना एक यादगार पल है। हम मार्च 2020 तक 1,500 करोड़ रुपए के एयूएम को छूने के लिए मजबूत विकास और प्रयास करने जा रहे हैं।  भारत ने विकास और दक्षता के नए युग में कदम रखा है क्योंकि डिजिटलीकरण लोगों की दिन-प्रतिदिन जीवनशैली में शामिल हो रहा है। हम इनोवेटिव प्रोडक्ट्स और हाई-एंड टेक्नोलॉजी के साथ वैल्यू प्रपोजिशन बनाकर जैविक विकास प्राप्त करना चाहते हैं जो हमें इस डोमेन में बाजार का लीडर बनने में सक्षम बनाएंगे। हमारी जड़ें हमें शासन पर बहुत ध्यान देने के साथ निरंतर संवेदनशील रहने के लिए मार्गदर्शन करती हैं और जो हमें जागरुक रहकर गहराई में जड़ें जमाते हुए आगे बढ़ने में मदद करती हैं।”

पूनावाला फाइनेंस के कार्यकारी निदेशक और सीईओ सीए अभय भूतड़ा ने कहा, 'पूनावाला फाइनेंस भारत में उन लोगों को कर्ज उपलब्ध कराने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है, जिन्हें यह सुलभ नहीं था। इस वित्तीय वर्ष में हमारा फोकस समान विचारधारा वाले एनबीएफसी के साथ को-लेंडिंग कर छोटे कर्जों को बढ़ावा देना होगा। चूंकि, हम केवल कम अवधि के लिए लोन देते हैं, हमें आगे बढ़ते हुए किसी भी तरह से असेट-लायबिलिटी बेमेल का सामना नहीं करना पड़ेगा। हमारा वर्तमान फोकस प्रमुख लीडरशिप टीम बनाना, ग्राहक हासिल करने के लिए रणनीतियां तैयार करना, कलेक्शन इंफ्रास्ट्रक्चर और रिस्क मैनेजमेंट तय करने पर है।

एमएसएमई को ऑर्गेनाइज्ड क्रेडिट की कमी आज भारतीय वित्तीय बाजार में एक प्रमुख मुद्दा है क्योंकि यह भारत में उद्यमिता के विकास को सीमित करता है। पूनावाला फाइनेंस का लक्ष्य एमएसएमई क्षेत्र में अपने विस्तार और कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं के लिए एमएसएमई को कस्टमाइज्ड स्मॉल-टिकट लोन ऑफरिंग से बड़े पैमाने पर क्रेडिट फाइनेंसिंग की खाई को दूर करना है। एंटरप्राइज की योजना को-ब्रांडेड क्रेडिट कार्ड, कंज्यूमर ड्यूरेबल लोन, इक्विपमेंट फाइनेंसिंग और प्रॉपर्टी के सामने लोन जैसे प्रोडक्ट्स में विविधता लाने की है; एक छाते के नीचे सभी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने की है। ”